गोपेश्वर।
श्री रुद्रनाथ भगवान की उत्सव डोली बुधवार को रुद्रनाथ के लिए रवाना हो गई है। एक रात्रि पड़ाव रास्ते में करने के बाद तीसरे दिन श्री रुद्रनाथ मंदिर परिसर में पहुंचेंगी। जहां बीस मई की सुबह भगवान शिव के कपाट दर्शनों के लिए खुलेंगे।
गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर में इस अवसर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। भगवान श्री रुद्रनाथ की ग्रीष्मकालीन पूजा रुद्रनाथ मंदिर में होती है जबकि शीतकालीन पूजा गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में होती है। हिमालय के मखमली बुग्यालों के मध्य स्थित पंच केदार में शामिल रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 20 मई को ब्रह्ममुहूर्त में खुलेंगे। इन दिनों यहां का बड़ा हिस्सा बर्फ से ढका है।
आभूषण और फूलों से सजी रुद्रनाथ जी की उत्सव डोली पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ रवाना हुई। सैकड़ों की संख्या में श्रद्वालु उत्सव डोली को विदाई देने पहुंचे थे।
दो दिनों की कठिन पैदल यात्रा में उत्सव डोली पहले दिन ल्वींठी बुग्याल तथा अगले दिन 18 मई को रूद्रनाथ पहुॅचेगी। भगवान रूद्रनाथ मंदिर के कपाट 20 मई को पौराणिक राीति रिवाजों और परंपराओं के बीच ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्वालुओं के दर्शनों को खोले जाएंगे।
Utsav Doli of Lord Rudranath has started its annual migration from Gopinath Temple in Gopeshwar towards Rudranath Temple

