Women started Van Mahotsav by planting saplings
गोपेश्वर ।
गोपेश्वर गाँव की महिला मंगल दल ने राम चंद्र भट्ट विद्या मंदिर गोपेश्वर के छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वन विभाग के साथ मिलकर चांमुंडा-चंडिका वन में पौध रोपण किया।
गोपेश्वर-सिरोखोमा मोटर मार्ग पर पिछले आठ सालों से महिला मंगल और गोपेश्वर वन पंचायत और सीपीबीसीईडी तथा वन विभाग की ओर से यह स्मृति वन विकसित किया जा रहा है।
इस साल शनिवार को पौध रोपकर इस वर्ष के हरेला पर्व की शुरुआत महिलाओं ने की। कार्यक्रम में महिलाओं, छात्रों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् चिपको प्रणेता चंडी प्रसाद भट्ट ने भी ग्रामीण महिलाओं के साथ पौध रोपित की। इस दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र पेड़ लगाकर मात्र राश्मपूर्ति निभाने तक ही नहीं होनी चाहिये।बल्कि हमें पौधों को रोपते वक्त ही उनके वृक्ष बनने तक तथा रोपित क्षेत्र के पूरे परिसर के वन के रूप में विकसित होने तक उनका संरक्षण व संवर्धन करने का भी संकल्प लेना होगा। तो ही हमारे वन संरक्षण के कार्यो की सार्थकता होगी।
प्रतिवर्ष बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारे समक्ष वनों को आग से बचाने की एक कठिन चुनौती भी आ गयी है। इस चुनौती से निपटने के लिए भी हमें अभी से ही कमर कसनी होगी।समय पूर्व अभी से हमें अपने जंगलो को आग से बचाने के लिए एतिहाती कदम उठाने होंगे।
कार्यक्रम में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी इंद्र सिंह नेगी ने गोपेश्वर की वन पंचायत और महिला मंगल दल के वन संरक्षण कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि आप लोगों की सक्रियता से आज भी गोपेश्वर शहर में पुराने जंगल सुरक्षित है।
बद्रीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दूबे ने कहा कि पेड़ ही हमारे जीवन के आधार है। जिस प्रकार हम अपनी स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहकर उसकी चिंता करते हैं उसी प्रकार हमे पेड़ों को भी अपने शरीर का एक अंग मानकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।

नगर पालिका अध्यक्षा ने इस दौरान महिलाओं के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाओं की चिपको आंदोलन के साथ ही अन्य सामाजिक आंदोलनों जैसे शराब बंदी आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम में महिला मंगल दल अध्यक्षा सुशीला सेमवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि, महिलाओं द्वारा पिछले वर्ष रोपे गये पौधों में से 90 प्रतिशत पौध जीवित हैं।
इस दौरान उनके द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों से शहर के संरक्षित वन बंजयाणी तथा पौध रोपित क्षेत्र के घेर बाड़ करवाने का भी अनुरोध किया।

इस दौरान कार्यक्रम में मंगला सती,सीपीबीसीईडी के विनय सेमवाल, मनोज तिवारी,महेंद्र नेगी,उमेश भट्ट,वेदप्रकाश भट्ट,चण्डी तिवारी,समाज सेविका चंद्रकला बिष्ट, सरपंच मनोरमा तिवारी,मुन्नी भट्ट,मीना भट्ट,पुष्पा देवी कुंती देवी, विनीता भट्ट, लक्ष्मी भट्ट मुन्नी भट्ट, मंजु भट्ट, बीना पंवार, राखी तिवारी, कुसुम सेमवाल, सरिता सेमवाल, उर्मिला भट्ट, पूनम भट्ट, प्रधानचार्य हिम्मत सिंह चौहान, भगवती पुरोहित, मनोज रतूडी, सहित nss के छात्र छात्राएं भी थे।

