रुद्रप्रयाग।
केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में फोटोशूट प्रतिबंधित किए जाने के बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को संत मोरारी बापू की गर्भगृह के अंदर की फोटो वायरल होने के बाद सोशल मिडिया पर इस मुद्दे पर फिर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू की जिस व्यक्ति ने फोटो ली थी उसने मंदिर समिति से माफी मांग कर अपनी ग़लती स्वीकार की है।
उल्लेखनीय है कि श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने जुलाई के पहले हफ्ते बकायदा आदेश जारी कर मंदिर के गर्भगृह में फोटोशूट को पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया था। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर सूचना भी प्रदर्शित की हुई है।
इन दिनों मोरारजी बापू द्वादश ज्योतिर्लिंगों में इस सावन और मलमास में एक एक दिन की रामकथा के आध्यात्मिक अभियान पर हैं, शुरुआती शनिवार को केदारनाथ से हुई। शुक्रवार को अपनी टीम के साथ केदारनाथ पहुंचे थे और भगवान के दर्शन के लिए गए थे ,इसी दौरान केदारनाथ मंदिर में गर्भगृह के अंदर भगवान शिव की अराधना की
इस प्रकरण पर मंदिर समिति ने फोटो खींचने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली है। फोटो खींचने वाले व्यक्ति ने मंदिर समिति को ग्यारह हजार रुपए दान देकर अपनी ग़लती स्वीकार की है।
मंदिर समिति की ओर मंदिर के मिडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद केदारनाथ गर्भगृह में फोटो खींचने पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने सख्त रूख अपनाया है। शुक्रवार को गर्भगृह की यह फोटो वायरल होने पर बीकेटीसी ने मंदिर में लगे CCTV कैमरों की जांच की और फोटो खींचने वाले व्यक्ति को खोजा। इंदौर निवासी इस तीर्थयात्री ने लिखित रूप से क्षमा याचना की है। अपने इस कृत्य के एवज में उक्त तीर्थयात्री ने बीकेटीसी के कोष में ग्यारह हजार रुपए की विशेष दान की पर्ची कटवाई।
उन्होंने बताया कि अपने माफीनामे में उक्त तीर्थयात्री ने कहा है कि जब प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू गर्भगृह में पहुंचे। तब वह भी गर्भगृह में उपस्थित था। भावावेश में आकर उसने गर्भगृह में शिवलिंग के साथ बापू की फोटो खींच ली और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।

