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श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट हुए बंद। इस साल साढ़े सात हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए भगवान मध्यमहेश्वर के दर्शन।

The doors of Shri Madmaheshwar temple are closed for the winters. Will open back in the Spring.

The doors of Shri Madmaheshwar temple are closed for the winters. Will open back in the Spring.

रुद्रप्रयाग।
श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह बंद हो गए।
सुबह चार बजे मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर जी के निर्वाण दर्शन किये। पुजारी शिवशंकर लिंग ने कपाट बन्द होने की प्रक्रिया संपन्न की।

भगवान की समाधि पूजा
पूजारी शिवशंकर लिंग ने कपाट बन्द होने से पूर्व भगवान मद्महेश्वर को समाधि पूजा की। भगवान को भस्म, भृंगराज फूल,बाघांबर से ढ़का। कपाट बन्द होने से पूर्व भगवान मद्महेश्वर जी को समाधिरूप दिया गया।

इसके साथ ही भगवान मद्महेश्वर जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद
किए गए।
इस अवसर पर मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान,डोली प्रभारी मनीष तिवारी, मृत्युंजय हीरेमठ,सूरज नेगी,प्रकाश शुक्ला, दिनेश पंवार, बृजमोहन सहित रांसी, गौंडार के हक हकूकधारी, तथा वन विभाग सहित प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय, मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं प्रेषित की।
कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली को मंदिर परिसर में लाया गया। इस दौरान भगवान मद्महेश्वर ने अपने भंडार, वर्तनों का निरीक्षण भी किया।

यात्रा कार्यक्रम

इसके पश्चात भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली रात्रि विश्राम हेतु गौंडार प्रस्थान हो गयी।, 19 नवंबर को राकेश्वरी मंदिर रांसी, 20 नवंबर को गिरिया,पहुंचेगी‌। कार्याधिकारी आर सी तिवारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल ने बताया कि 21 नवंबर को भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री मद्महेश्वर मेले का भी आयोजन होता है‌। मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि इस यात्रा वर्ष साढ़े सात हजार श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर जी के दर्शन किये जिसमें दो दर्जन विदेशी शामिल हैं।

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