रुद्रप्रयाग।
अगले साल से केदारनाथ से तीर्थयात्री क्यूआर कोड लगे प्रसाद को अपने घर ले जा सकेंगे। रुद्रप्रयाग के जिला अधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
अगले साल होने वाली केदारनाथ यात्रा की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। इसी के तहत केदारनाथ धाम में उपलब्ध कराए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता बढ़ाने और बेहतर पैकेजिंग को लेकर जिला अधिकारी ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने प्रसाद के पैकेटों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने के निर्देश दिए। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत चिन्हित उत्पाद चौलाई व मंदिर अनुकृति हेतु उपलब्ध संसाधनों, कच्चे माल, निर्माण करने वाली संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों व कौशल संबंधी सुविधाओं पर चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में उत्पादित चौलाई से निर्मित श्री केदारनाथ प्रसाद के लड्डूओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। आगामी यात्रा के दौरान तैयार किए जाने वाले प्रसाद की पैकिंग में सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिए। इसकी पैकेजिंग में किसी भी तरह से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न हो। इसके लिए उन्होंने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को निर्देशित करते हुए कहा कि 15 दिसंबर तक पैकिंग की डिजाइनिंग एवं पैकिंग के सैंपल तैयार कर लिए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रसाद की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा उसकी पैकेजिंग हेतु डिब्बे का डिजायन एक जैसा रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में उत्पादित चौलाई प्रसाद निर्माण हेतु पयाप्त मात्रा में स्टाॅक में रखवाया जाए ताकि यात्रा काल में लड्डू निर्माण के लिए सामग्री की कमी न होने पाए। इसके साथ ही प्रसाद पैकेट पर क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाए जिससे उसके निर्माण की पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।

