जनगणना के लिए राज्य सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है। राज्य के जनगणना एवं पुनर्गठन मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा भवन स्थित कार्यालय में अधिकारियों के साथ जनगणना विभाग की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी साझा की।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाईन के अनुसार हर 10 वर्ष में पूरे देश में जनगणना का कार्य किया जाता है, कोविड के चलते 2021 में होने वाली जनगणना का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उनका कहना था कि राज्य सरकार जनगणना कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। और बताया कि जैसे ही भारत सरकार की ओर से जनगणना की गाइडलाईन जारी की जायेगी, राज्य सरकार द्वारा जनगणना का कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा।डॉ अग्रवाल ने कहा कि अब डिजिटल जनगणना के जरिए डाटा एकत्र किया जाएगा। इसके लिए वॉलिंटियर्स घर-घर जाकर डाटा एकत्रित कर ऐप में डालेंगे। इससे समय की बचत होगी।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार का जनगणना कैलेंडर जारी होने के बाद नेशनल ट्रेनर मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ब्लॉक, तहसील स्तर पर वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिन्हें फील्ड ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे। इसके बाद दो फेज में जनगणना की जाएगी। इसमें प्रथम फेज में घरों की गिनती होगी और दूसरे फेज में पर्सन की गिनती की जाएगी।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि जनगणना के आधार पर पलायन का डाटा, पुरुष, महिला और समुदाय का आंकड़ा ब्लॉक स्तर तक मिल सकेगा।
उत्तराखंड: जनगणना के लिए राज्य सरकार ने की तैयारी
देहरादून।

