HomeNewsजड़ी बूटी की खेती के लिए गांव और किसान चिन्हित किए जाएं।

जड़ी बूटी की खेती के लिए गांव और किसान चिन्हित किए जाएं।

Villages and farmers to be identified for herbal cultivation.

गोपेश्वर। 

जडी बूटी की खेती को बढावा देने के लिए चमोली के मुख्य विकास अधिकारी और जड़ी बूटी शोध संस्थान के निदेशक डा ललित नारायण मिश्र ने मंगलवार को जिले के खंड विकास अधिकारियों को इसके लिए किसानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा जड़ी बूटियों की खेती के विस्तार के लिए गांव व किसान को चिन्हित किए जाएं।

डॉ ललित नारायण मिश्र ने वीसी के माध्यम से सभी बीडीओ की बैठक ली। उन्होंने जनपद में जडी बूटी का क्षेत्र बढाने पर जोर देते हुए कहा कि किसान बढचढ कर जडी बूटी की खेती करें तथा लाभ कमाएं ऐसी योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि बन्दर व सुअर भी इस खेती को नुकसान नहीं पहुंचाते। घेस गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि घेस गांव में कुटकी का बडी मात्रा में उत्पादन हो रहा है और वहां के किसान  अच्छी आय प्राप्त कर रहें हैं।

बैठक में जडी बूटी शोध संस्थान के डा कुनियाल नेे जनपद में अनुमन्य जडी बूटी व सगंध पौधों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जडी-बूटी जैसे कूट कुटकी के लिए 3 नाली तक निशुल्क पौध उपलब्ध कराए जाते हैं तथा सगंध पौध जैसे रोजमेरी, लैमन ग्रास के लिए 5 नाली तक निशुल्क पौध उपलब्ध कराए जाते हैं उन्होंने कहा कि इसके लिए किसान भाई जडी बूटी संस्थान मण्डल तथा अपने ब्लॉक में आवेदन कर सकते हैं

बैठक में पीडी आनन्द सिंह, एपीडी डॉ महेश सहित सभी बीडीओ वर्चअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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