गौचर।
उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूडी भूषण ने शनिवार को गौचर मेले में महिला सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर सम्मेलन में सम्मिलित महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेले हमारी सास्कृतिक धरोहर और मिलन के केन्द्र है। मेलों के माध्यम से सरकार एवं सामाजिक संस्थाओं के द्वारा उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत, पारंपरिक रीति रिवाज, वाद्य यंत्रों, लोक गीत, लोक नृत्य, वेशभूषा के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है|
उन्होंने कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्ध राजकीय मेला है और साल दर साल यह मेला अपनी ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन व स्थानीय लोगों की सराहना भी की।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाएं समूहों के माध्यम से रोजगार उत्पन्न कर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही है एवं इस प्रकार के मेलों में उन्हें अपने घरेलू उत्पादों के लिए बाजार भी उपलब्ध हो रहा है|
महिलाएं समाज में मजबूती से अपनी जगह बना रही है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विगत वर्षों में महिलाओं को जो सम्मान मिलना चाहिए था वह भरपूर रूप से मिल रहा है| आज महिलाएं न सिर्फ घर की जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन कर रही हैं, इसके साथ ही पुरुषों के साथ बाहर के कार्यों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहीं हैं। सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में विभिन्न योजनाएं संचालित हो रही हैं जिनका लाभ लेकर महिलाएं सशक्त हो रही हैं|
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं हमेशा से ही आत्मनिर्भर एवं मजबूत रही हैं एवं उत्तराखंड में पलायन को रोकने में महिलाओं का विशेष योगदान है क्योंकि महिलाएं कठिन परिस्थितियों में भी गांव से जुड़ी हैं गांव की सेवा के साथ-साथ प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है| इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि उत्तराखंड के समाज को दिशा एवं दशा देने में कार्य करें, बेटों को संस्कार दें साथ ही उन पर लगाम भी कस कर रखें| सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने साथ अन्य महिलाओं को जोड़े और उन्हें भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाए।

