गोपेश्वर।
जोशीमठ में सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की फिर से मदद ली जाएगी। गुरुवार को चमोली के जिला अधिकारी ने जोशीमठ में आ रही नई दरारों के सर्वेक्षण के लिए सीबीआई के वैज्ञानिकों से फिर से आयी दरारों के सर्वेक्षण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
जोशीमठ में हुए भूधसांव के बाद विभिन्न विभागों के द्वारा किए जाने वाले कार्यो को लेकर गुरूवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने संबधित अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने अधिकारियों को सीबीआरआई से समन्वय करते हुए जोशीमठ में भू धसाव से प्रभावित भवनों की रेट्रोफिटिंग एवं नरसिंह मंदिर मोटर मार्ग के सुदृढीकरण के लिए शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जोशीमठ के प्रीफैब्रिकेटेड भवन हेतु भूमि का चयन और डिग्री कॉलेज के क्षतिग्रस्त भवन निर्माण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के साथ पर्यटन विभाग को पर्यटन व्यवसायियों से सुझाव लेते हुए पर्यटक सुविधा केन्द्रों के लिए भूमि चयन करने के निर्देश भी दिए।
क्षतिग्रस्त रोपवे का काम शुरू करने के लिए शासन से समन्वय बनाने। शिक्षा विभाग को जोशीमठ में निर्मित होने वाले नए विद्यालय भवनों के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए।
जल संस्थान को नई पेयजल योजना के लिए टेंडर की कार्रवाई करने तथा जल निगम को जोशीमठ नगर पालिका के सभी वार्डों में सीवर लाईन एवं ड्रेनेज सिस्टम की कार्ययोजना और डीपीआर बनाने के लिए कन्सलटेन्ट का चयन करने को कहा।
सिंचाई विभाग को टीएचडीसी से समन्वय करते हुए जोशीमठ क्षेत्र में अलकनंदा नदी के तट पर सुरक्षा दीवार बनाने हेतु डीपीआर तैयार करने और सीबीआरआई की टीम से नई दरारों का भी सर्वेक्षण कराने के लिए कार्रवाई करने की बात कही।
बैठक में एसीएमओ डॉ एमएस खाती, लोनिवि के अधिशासी अभियंता आरएस चौहान, ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अला दिया, जल निगम के अधिशासी अभियंता वीके जैन, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह नेगी, जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रावत, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव, जिला पर्यटन अधिकारी एसएस राणा, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी सहित वर्चुअल माध्यम से डीएफओ जी एस मर्तोलिया, एसडीएम कुमकुम जोशी उपस्थित थे।

